नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन निगम (DTC Contractual Employee) के ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांग समान काम का समान वेतन, सेवा को स्थाई किये जाने आदि को मांग को लेकर सोमवार को अर्द्धनग्न होकर रैली निकाली. उनकी ये रैली आइपी एस्टेट स्थित डीटीसी मुख्यालय से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास तक पहुंची, जिसके बाद सभा में तब्दील हो गई.
DTC Contractual Employee ने अर्द्धनग्न रैली
आम कर्मचारी यूनियन के बैनर तले इस रैली में काफी संख्या में चालक और परिचालक शामिल हुए. इस रैली में शामिल कर्मचारियों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. जिसके बाद मुख्यमंत्री आवास से दिल्ली सरकार के अधिकारी ने अगले 7 दिन के अंदर उनकी मांगो पर लेबर डिपार्टमेंट व् डीटीसी के एमडी के साथ मीटिंग का आश्वासन दिया है.
डीटीसी ने हमें डायरेक्ट बहाल किया है: बाल्मीकि झा
DTC आम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष श्री बाल्मीकि झा ने बताया कि आज आम आदमी पार्टी की सरकार बने तीन साल से अधिक होने जा रहें हैं. हम इस रैली के माध्यम से केजरीवाल सरकार के चुनावी वादा याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. जिसमें उन्होंने दिल्ली की जनता से ठेका प्रथा समाप्त करने की बात की थी. माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसला 26 अक्टूबर 2016 के बाद दिल्ली सरकार के अंतर्गत विभागों में डायरेक्ट रूप से लगे ठेका वर्कर को नोटिफिकेशन निकालकर समान काम का समान वेतन दिया जाने लगा.
मगर इसमें भी डीटीसी वर्कर के साथ धोखा किया गया. हमें डायरेक्ट डीटीसी ने बहाल किया है, जबकि हमें मात्र 12-15 हजार महीने पर संतोष करना पड़ता है. जबकि इसी काम के लिए रेगुलर वर्कर को 40-50 हजार मासिक व अन्य सुविधायें दी जाती है. आगे श्री झा ने बताया कि अपने कहे अनुसार सरकार यदि 7 दिनों के अंदर मीटिंग नहीं करवाती तो अब हम आगे इससे भी तीव्र आंदोलन करेंगे. जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी सरकार की होगी.
जागरण के खबर के अनुसार दिल्ली परिवहन मजदूर संघ के उप महामंत्री कैलाश चंद ने इनके आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की 49 दिन की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री ने अनुबंधित कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की थी, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी कर्मचारी अनुबंध पर काम कर रहे है.
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